Truth of Gandhi Family


Gandhi Parivarआज तक पता था कि मोह्दास गाँधी से बड़ा व्यभिचारी और औरतखोर कोई नहीं था। लेकिन आज तो हद ही हो गई जब पता चला कि गाँधी का बेटा हरिलाल भी कम व्यभिचारी और औरतखोर नहीं था।मोहनदास गाँधी के अत्याचारों और यौन शोषण से पहले मनु अपने पिता अर्थात गाँधी के बेटे हरिलाल के जुल्मों की शिकार हो चुकी थी। “रंगीला गाँधी” नामक किताब में साफ़ साफ़ लिखा है कि गाँधी के अपनी पोती मनु के साथ शारीरिक संबंध थे। गाँधी ब्रह्मचर्य परिक्षण के नाम पर अपनी पोती के साथ निर्वस्त्र सोते थे। यह बात मनु ने अपनी किताब में भी लिखी है। आज मोहन दास गाँधी के प्रत्रों के खुलासे से यह बात जग जाहिर हो गई है कि ब्राह्मण आर्य चाहे किसी भी समय का रहा हो, ब्राह्मण, आर्य धर्म के अनुसार व्यभिचार, औरतों का शोषण और मूलनिवासियों पर अत्याचार करता था।ब्राह्मण आर्यों के धर्म ग्रंथो और मनुस्मृति के अनुसार औरत चाहे किसी भी रूप में हो सिर्फ औरत होती है।फिर चाहे वह माता हो, बहन हो या कोई और।बहुत से ब्राह्मण यहाँ इस बात को गलत कहेंगे।उनके लिए कुछ उदाहरण प्रस्तुत है:-

ब्राह्मणों, राजपूतों और वैश्यों के बारे और पुराणों का अध्ययन किया जाये तो पता चलता है कि ब्राह्मणों के वैदिक काल मैं पिता-पुत्री और माँ-पुत्र के सम्बन्ध भी उचित माने जाते थे। वशिष्ठ नाम के आर्य ने अपनी पुत्री शतरूपा से विवाह किया था, मनु ने अपनी पुत्री इला से विवाह किया था, जहानु ने अपनी बेटी जाहनवी से विवाह किया था, सूर्य ने अपनी बेटी उषा से विवाह किया था, ध्ह्प्रचेतनी और उसके पुत्र सोम ने सोम की पुत्री मारिषा से सम्भोग किया था, दक्ष ने अपनी बेटी अपने पिता ब्रह्मा को दी थी और दोहित्र ने अपनी 27 पुत्रियाँ अपने पिता सोम को संतान उत्पति के लिए दी थी। आर्य खुले में सारे आम मैथुन करते थे। “वामदेव-विरत” प्रथा के नाम पर सभी ऋषि यज्ञ भूमि में सब के सामने कई कई स्त्रियों के साथ सरे-आम सम्भोग करते थे। उदाहरण के लिए; पराशर ऋषि ने सत्यवती और धिर्धत्मा के साथ यज्ञ भूमि में सब के सामने संभोग किया था। प्राचीन काल में योनी का अर्थ घर और अयोनि का अर्थ घर से बाहर होता था। जो गर्भ घर में ठहरता था उसे योनी बोला जाता था, और जो गर्भ घर से बाहर ठहरता था उसे अयोनि कहा जाता था। सीता और द्रोपती का जन्म इसी “योनी–अयोनि” प्रथा से हुआ था। पुराने समय में नारी को किराये पर देने की प्रथा भी ब्राह्मणों में प्रचलित थी। उदाहरण के लिए; राजा ययाति ने अपनी बेटी माधवी को अपने पुत्र गालब को दिया, गालब ने माधवी को किराये पर तीन राजाओं को दिया, उसके बाद गालब ने माधवी अर्थात अपनी बहन का विवाह विश्वामित्र के कर दिया, विश्वामित्र के साथ माधवी ने एक पुत्र को जन्म दिया, उसके बाद गालव अपनी बहन माधवी को वापिस अपने पिता ययाति को दे देता है।

गांधी परिवार ने भी इसी प्रथा और ब्राह्मण धर्म का ही पालन किया है, और आज भी देश के बहुत से हिस्सों में ये सब प्रथाएं किसी ना किसी रूप में विद्यमान है। गांधी ने अपनी सारी जिंदगी औरतों का शोषण किया है।जिस आदमी का धर्म ही यह सब कहने और करने की अनुमति देता हो, जिसका धर्म ही पाखंड, झूठ और धोखाधड़ी को बढावा देता हो, वह आदमी अपनी जिंदगी में ऐसे काम नहीं करेगा तो कौन करेगा? ब्राह्मणों के हिंदू धर्म की नीव ही ऐसे ऐसे धर्म ग्रंथों और पुराणों के द्वारा रखी गई है जो आदमी को हैवान बना।गाँधी परिवार ने भी उसी हैवानियत को आगे बढ़ाने के सिवा कोई और काम नहीं किया है।आखिर कब तक यही सब भारत में चलता रहेगा? ब्राह्मण खुद नीच होते हुए कब तक खुद को देश की सबसे पवित्र और ऊँची नस्ल का बताते रहेंगे? क्या ऊपर लिखी इन बातों से साबित नहीं होता कि ब्राह्मण एक नीच और निकृष्ट नस्ल के लोग है जो हर हाल में दूसरे वर्गों का शोषण करते रहते है।ब्राह्मणों ने अपने लोगों को नहीं छोड़ा दूसरे लोगों की बात छोड़ दो। आज की तारीख में बात करे तो आज ब्राह्मणों के पास देश की 90% सरकारी नौकरियां है।जिसमें वैश्यों और राजपूतों को कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ है। वैश्यों और राजपूतों के पास नाम मात्र की सरकारी नौकरियां है लेकिन फिर भी वैश्य और राजपूत ब्राह्मणों की सेवा में लगे हुए है।ब्राह्मणों को ही भगवान साबित करने में जुटे हुए है। इतिहास में एक भी ऐसी लड़ाई का वर्णन नहीं है जो ब्राह्मणों ने लड़ी हो। राजपूतों और दूसरे वर्ग के लोगों ने सिर कटवाए, लड़ाईयां लड़ी और धर्म के नाम पर शासन किया ब्राहमणों ने। क्या यह सब ब्राह्मणों की चाल नहीं है? अगर ब्राहमण अपनो के नही हो सके तो मूलनिवासी शूद्रों के कैसे हो सकते है?

महात्मा गाँधी खुद बहुत नीच ब्राह्मण था। गाँधी के बहुत सी महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध थे। मनु ने अपनी किताब में लिखा है “सर्दियों के दिन थे और महात्मा गाँधी मेरे साथ सोते थे। शुरू में मुझे बहुत अजीब सा महसूस होता था। लेकिन फिर मैं आदि हो गई। एक दिन आधी रात को महात्मा गाँधी ने मुझे सारे कपडे उतरने को कहा पहले तो मैंने बहुत असहज महसूस किया लेकिन जब गाँधी मेरे साथ सो गये तो मुझे भी अच्छा महसूस होने लगा।“ मनु ने गाँधी के साथ अपने शारीरिक संबंधो की भी पुष्टि की है।ज्यादा जानकारी के लिए आप “रंगीला गाँधी” नाम की किताब डाउनलोड कर के पढ़ सकते है।

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14 Responses to Truth of Gandhi Family

  1. radha krishna says:

    Thanks for giving such a truthful article. I am not aware of hidden vulgar facts about BRAHMAN & GANDHI. I would like to read more books related to these facts & request you to suggest certain book name by return mail. My personal feeling is that if these vulgar facts are true so far as BRAHMAN & GANDHI is concerned, who go to temple where majority of temples pooja is performed by Brahman ?. How can I call GANDHI as father of my nation ?. Ye sochne ka Baath hai.
    W

    • Shudra Sangh says:

      Radha Krishan Ji.. Please apana knowladge badaiye… Mohan Dass Gandhi naa to ab rashtrpita hai aur naa hi Mahatma… Jyada jankari ke liye Kripya humari dusari posts padhe…

  2. bimal says:

    The entire blog is malaise, Gandhi was not a Brahamin but a baniya.

    • Shudra Sangh says:

      Bimal ji.. अगर आपके पास गाँधी का जाति प्रमाण पत्र हो तो कृपया हमे मेल करे shudrasangh@gmail.com

  3. caste certificate sirf sc st aur obc ko milta hai brahamin and baniya don’t get a caste certificate issued like u get

    • Shudra Sangh says:

      हम कैसे मान ले की गाँधी बनिया था… हमारे लिए तो गाँधी एक यूरेशियन आर्य था… समझ आया??

  4. avinash gaikwad says:

    sachhayi chahe kitni bhi kadvi kyu n ho akhir sachhayi sachhayi hoti hai….sachhayi sunne ko himmat chahiye….is that wright…….

  5. ajit says:

    Jai Bheem

    • Bheem Sangh says:

      बंधू… ब्राह्मणों ने और उनके तथाकथित देवताओं और भगवानों ने इया ही क्या है इस देश के लिए? जो आपको ब्राह्मणों की इतनी दर्द हो रही है… गाँधी को सिर्फ मैं ही नहीं दुनिया का हर बुद्धिमान व्यक्ति गाल देता है… जिसने देश के लोगों को मुर्ख बनाने के सिवा कोई काम देश हित में नहीं किया… 🙂

      • abhishek abhi says:

        Jai Bheem…

  6. chinmay aanand says:

    Jai Bh

  7. chinmay aanand says:

    Jai Bheem

  8. ASHOK KUMAR VERMA says:

    Thank for giving us truthfully story.

  9. Mumtaz Ahmad says:

    Master mumtaz Aap sab ka Aabhari hai Aapne yah site hum sab ko di

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