BJP – Anti Constitutional Party


BJP - Anti Constitutional Partyपिछले दिनों जो कुछ भी भारत की राजनीति में हुआ और जो हो रहा है, वह सब लोकतंत्र को शर्मसार करने के लिए काफी है। बाबा साहब जी ने जिस लोकतंत्र का सपना देखा था और जिस लोकतंत्र का वर्णन संविधान में किया है, राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और भारतीय जनता पार्टी उस लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती और ना ही उस लोकतंत्र को बनाये रखना चाहती है। यह बात आर एस एस, विहिप और बीजेपी के कार्यों और चुनाव प्रचार से सामने आ गई है। अगर थोड़े में समझा जाये तो यह सब ब्राह्मणवादी संगठन भीम राव अम्बेडकर के सपनों के और संविधान में वर्णित लोकतंत्र को कुचल देना चाहती है और देश में ब्राह्मणवादी साम्राज्य की स्थापना करना चाहती है। कुछ मूलनिवासी भी मूर्खों की तरह इन ब्राह्मणवादी संगठनों को बढावा देने में लगे हुए है और अपनी तथा अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए गुलामी के द्वार खोल रहे है।

संविधान में साफ़ साफ़ लिखा है कि “देश के मुखिया अर्थात प्रधानमंत्री का चुनाव सांसद करेंगे”। लेकिन बीजेपी ने इस नियम को ताक पर रख कर पहले ही अपना प्रधानमंत्री चुन लिया था। जोकि जनतंत्र के स्थान पर राजतंत्र या एक व्यक्ति की सरकार को बढावा देता है और भारतीय संविधान के खिलाफ है। मोदी हो या कोई और उसको अपने आपको भारतीय संविधान के अनुसार अपने आप को देश का मुखिया घोषित करने का कोई अधिकार नहीं है। किसी भी धार्मिक संगठन को देश का मुखिया चुनने का कोई अधिकार भी भारतीय संविधान में नहीं है। क्योकि भारत एक लोकतान्त्रिक राज्य है और यहाँ किसी एक आदमी के नाम पर सरकार नहीं बनाई जा सकती। लोकतंत्र का अर्थ ही लोगो द्वारा लोगों की सरकार से है।दूसरा भारत में धर्म के नाम पर वोट मांगना संविधान के खिलाफ है। भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद ने खुल कर हिंदुत्व के नाम पर वोट मांगे है। भारत एक धर्म निरपेक्ष राज्य है और संविधान में इस बात का साफ़ और उचित शब्दों में वर्णन भी है। और नियम है की कोई भी राजनीतिक दल चुनावों में धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगेगा।लेकिन बीजेपी ने सभी संविधान को ताक पर रख कर धर्म के नाम पर वोट मांगे और अपने कार्यक्रमों में राम मंदिर, हिंदुत्व, राम राज्य, धार्मिक नारों आदि का भरपूर प्रयोग किया। बीजेपी ने तो बाकायदा चुनाव प्रचार के लिए कृत्रिम राम मंदिर तक का निर्माण तक कर दिया था। जगह जगह हिदुत्व के नारे भी लगाये गए। जिस पर आवाजे भी उठी लेकिन हर ऊँचे पद पर बैठे ब्राह्मणवादियों ने उस आवाज को दबा दिया। इस बात का प्रमाण भी मिल जाता है कि विरोध होने पर ही चुनाव आयोग ने “हर हर मोदी” के नारे को बंद करवाया। लेकिन क्या किसी राजनीतिक दल को सिर्फ एक नारे से रोकना लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रयाप्त है? क्या राष्ट्री स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों पर रोक नहीं लगनी चाहिए?

यह ब्राह्मणवादियों की एक सोची समझी योजना है जिसके अंतर्गत यह ब्राह्मणवादी संगठन डॉ. भीम राव अम्बेडकर और उनके द्वारा लिखित संविधान को नीचा दिखने की कोशिश की गई है। चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया को चाहिए की इन सभी बातों को गंभीरता से ले और ऐसे राजनीतिक और धार्मिक संगठनों का पंजीकरण रद्द करके ऐसे संगठनों को असंविधानिक करार दे कर हमेशा के लिए बंद करवा दे। जब तक देश में इस तरह की राजनीति होती रहेगी देश में स्थापित लोकतंत्र को हमेशा खतरा बना रहेगा। लेकिन यहाँ तो उल्टा ही लग रहा है ना तो चुनाव आयोग को संविधान के उलंघन की कोई चिंता है और ना ही सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया को कोई फर्क पडता है, देश का राष्ट्रपति भी इन सभी बातों को नज़रअंदाज़ करता और ब्राह्मणवादियों का साथ देता नज़र आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया, चुनाव आयोग और राष्ट्रपति भी ब्राह्मणवाद को बढावा दे रहे है। ऐसे में क्या मूलनिवासी शूद्रों और अपने आपको अम्बेडकरवादी कहने वालों को लोकतंत्र की सुरक्षा और ब्राह्मणवाद के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद नहीं करनी चाहिए और ऐसे असंवैधानिक राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों का पंजीकरण रद्द करने की मांग नहीं करनी चाहिए? देश में लोकतंत्र को बनाये रखने के लिए बहुत जरुरी है कि ऐसे धर्म प्रधान संगठनों को बंद करवाना जरुरी है। सभी मूलनिवासियों को देश हित में इस बात को समझना होगा।

इन सभी बातों से प्रमाणित हो जाता है कि बीजेपी एक संविधान विरोधी राजनीतिक दल है और देश की लोकतान्त्रिक व्यवस्था के लिए बहुत बड़ा खतरा है। बीजेपी सिर्फ ब्राह्मणवादियों की भलाई सोचने वाला और मूलनिवासियों के हितों को दबाने वाला राजनीतिक दल है। जो सिर्फ धर्म और भारतीय सविधान के खिलाफ राजनीति करता है। अत: हमारी सभी मूलनिवासियों से प्रार्थना है कि ऐसे राजनीतिक दल को बढावा ना देऔर ना ही वोट दे। जो राजनीतिक दल बाबा साहब और उनके बनाये संविधान को नहीं मानता वो हम मूलनिवासी शूद्रों के हित में कैसे सोच सकता है। बीजेपी देश में रहने वाले मूलनिवासियों के लिए बहुत बड़ा खतरा है।इस बात को समझे और ऐसे राजनीतिक और धार्मिक दलों के खिलाफ आवाज उठा कर उनको असंवैधानिक करार दे कर देश हित में उनका पंजीकरण रद्द करवाने की मांग करे।

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One Response to BJP – Anti Constitutional Party

  1. bagaram shardul says:

    अंजामे गुलिश्ता क्या होगा हर साख पे उल्लू बैठा हे . राष्ट्रपति ,चुनाव आयोग और उचतम न्यायालय में सभी इसी मानसिकता के ही तो लोग भरे पड़े हे ,कुए में भंग पड़ी हे |

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