Bheem Sangh Message


2553_bsp-leaderउत्तर प्रदेश में 30 अप्रैल को झाँसी-ललितपुर लोक सभा सीट जहाँ से उमा भारती बीजेपी की उम्मीदवार है वहां मतदान के बाद हिंदू धर्म वालों ने बजाना गौण के एक 80 साल के दलित बुजुर्ग की जान ले ली. और अब दलित बजुर्ग के बेटे रमेश पर हिंदू धर्म वालो द्वारा दबाब बनाया जा रहा है कि रमेश अपनी शिकायत वापिस ले ले. दूसरी घटना में बजाना में ही बसपा के एक कार्यकर्त्ता पर भी जान लेवा हमला हुआ. तीसरी घटना में बजाना से बसपा के उमीदवार के बेटे पर जान लेवा हमला किया गया. इन सब घटनाओं से पहले इन तीनों आदमियों को परिवार सहित और आस पास के पुरे दलित गाँव के लोगों को वोट ना डालने के लिए धमकियाँ भी दी गई थी. फिर भी मूलनिवासी समाज के ये लोग वोट डालने गए तो उनको या तो मार डाला या मारने की कोशिश की गई. और भारत का चुनाव आयोग, पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेसियों को कोई फर्क नहीं पडता की हिंदू धर्म के इन अनुयायियों के खिलाफ कार्यवाही करे. यह सिर्फ झाँसी की बात नहीं है देश के हर जिले हर गाँव की हालत इस से बहेतर नहीं है. मूलनिवासी समाज के लोगों को या तो वोट डालने से रोका जाता है या जान से मारने की धमकी दी जाती है.

दोस्तों, क्या आज यह ब्राह्मणवाद का मूलनिवासियों के साथ अघोषित युद्ध नहीं है? जहाँ हमेशा मूलनिवासी शूद्रों को बलि का बकरा बना दिया जाता है. बाद में बिना किसी कार्यवाही के ब्राह्मणवादी गुंडे खुल्ले आम घुमते रहते है, और मूलनिवासी शूद्रों को डराते धमकाते रहते है. क्या आज तक किसी भी सरकारी या गैर सरकारी संस्था ने इन गुंडों के खिलाफ कोई कार्यवाही की? क्या मूलनिवासी शुद्र सिर्फ मरने के लिए पैदा हुए है? मूलनिवासी शुद्र और कितना जुल्म सहन करेंगे?

दोस्तों, मूलनिवासी समाज के लोग जब तक ब्राह्मणों की बनाई हुई जातियों में बंटे रहेंगे, धर्म के नाम पर विभाजित रहेंगे तब तक ये ब्राह्मणवादी मूलनिवासियों को ऐसे ही जुल्म करते रहेंगे. ब्राह्मणवादियों के इन्ही जुल्मों के खिलाफ लड़ाने के लिए हमने शुद्र संघ का निर्माण किया है. हमारी मूलनिवासी नौजवानों से प्रार्थना है कि अपने समाज के हित के लिए आगे आये. जाति, धर्म और भगवानों को भुला कर देश के हर कोने में शुद्र संघ नाम से संगठन बनाये और अपने अपने सदस्यों की सूची हमे भेजे. हम आप लोगों से लगातार संपर्क में रहेंगे. जहाँ कही भी मूलनिवासी समाज के लोगों पर जुल्म हो हमे सूचित करे और एक जन आंदोलन शुरू करे. जो प्यार से माने उनको प्यार से समझाए, नहीं तो याद रखे “वो जवानी किसी काम की नहीं जो देश या अपने समाज के काम ना आये”. हमारे पूर्वज इस देश के राजा थे, शूरवीर थे, एक समय उन्होंने इन ब्राह्मणवादियों के छक्के छुडा दिए थे. साम, दाम, दंड और भेद चारों नीतियों को अपना कर ब्राह्मणवादियों के खिलाफ खड़े हो जाये.

“अहिंसा परमों धर्म” इस अधूरी पंक्ति को छोड़ कर पूरी पंक्ति “अहिंसा परमों धर्म धर्म हिंसा तथैव च:” अर्थात “अहिंसा परम धर्म है परन्तु धर्म के लिए की गई हिंसा उससे भी बड़ा धर्म है”. यहाँ धर्म का अर्थ किसी धर्म विशेष से नहीं बल्कि आत्मधर्म से है. अर्थात जिन्दा रहने का अधिकार, शोषण ना सहन करने का अधिकार, जुल्म ना सहन करने का अधिकार, अपनी सरकार चुनने का अधिकार और स्वतंत्रता का अधिकार आदि. ब्राह्मणों के मुख से आधी पंक्ति सुन कर नपुंसक ना बने. क्योकि जब तक हम जिन्दा है. तभी तक धर्म है. अगर हम जिन्दा ही नहीं रहे तो कौन सा धर्म और कैसा धर्म? मरने के बाद तो चाहे हम जला दो, चाहे दफना दो, चाहे कुत्तों को खिला दो या चाहे चिल कौवों से नुचवा लो, कोई फर्क नहीं पडता. हमे अपनी आने वाली पीढ़ी को जाति व्यवस्था से मुक्त समाज देना है तो आज ही कमर कास लो. उठो जागो औरों को भी जागो और आगे बढ़ो, जब तक हम खुद नहीं जागेंगे अपनी जिमेवारियों को नहीं समझेंगे हमारे समाज का भला नहीं हो सकता. ये देश हमारा है इस देश की सरकार हमारी होनी चाहिए इस देश के हर भाग पर हमारा अधिकार है और उसे पुन: प्राप्त करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए.

जय भीम !! जय शुद्र संघ !!!

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About Bheem Sangh

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3 Responses to Bheem Sangh Message

  1. TR AZAD says:

    good

  2. M.K.METRI says:

    Jai Bheem… Jai Shudra Sangh… Jai Moolnivasi bhartiya…

  3. babloo chmar says:

    Me bhee dalit sangh me samil hona cahta hnu

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