ब्राहमणी भगवान


ब्राह्मणी (हिन्दू) धर्म के भगवान् लोग ही औरतों की इज्जत नहीं करते तो उनको मानने वाले लोग क्या ख़ाक इज्जत करेंगे?

१. परशुराम : ब्राह्मण लोगों का और उनकी चाटने वालों का देवता, और मिस्टर विष्णु का अवतार परशुराम ने अपनी माँ का सर कुल्हाड़ी से उड़ा दिया था।

२. कृष्णा: विष्णु का अवतार। ये तो खुद औरतों को छेड़ता था।उनके कपडे नहाते समय लेके भाग जाता था। उनकी मटकिया फोड़ के उनको मानसिक कष्ट देता था (Mental Harassment) और मीरा को धोखा देके इसने राधा से ब्याह रचाया।

Brahmani Bhagwan३. ब्रह्मा: सृष्टि की जिसने उत्पति की ब्रह्मा, ब्रह्मा ने तो अपनी पुत्री सरस्वती का ही बलात्कार कर डाला।

४. पांडव: पांडवों ने बेशर्मी की सभी हदें पार कर दी, अपनी बीवी को बेइज्जत करके, सरे आम उसको नीलाम कर दिया। दांव पे लगा दिया। जब उसकी इज्जत लूटी जा रही थी तो किसी ने भी अपनी पत्नी की इज्जत बचाने की कोशिश नहीं की, सब बेशर्मी से देखते रह गए।

५. राम: और एक विष्णु का अवतार, बहुत ही पॉपुलर, भगवान् श्री राम! पहले तो अपनी पत्नी सीता को अग्नि परीक्षा देने के लिए विवश किया, फिर भी इस भगवान का शक कम नहीं हुआ और एक धोबी के कहने पर अपनी पत्नी को घर से निकल दिया वो भी तब जब सीता गर्भवती थी। सीता को अग्नि से गुजार दिया लेकिन खुद कभी कोई परीक्षा नहीं दी।

ये सभी भगवानों के अवतार औरत जात की कोई इज्जत नहीं करते थे। उनको मानसिक कष्ट देना, उनकी बेइज्जती करना, उनका बलात्कार करना ये ही ब्रहमाणी धर्म (सनातन धर्म/वैदिक धर्म/हिन्दू धर्म) के देवता करते थे। जब ये भगवान खुद औरतों की छेड़खानी, बलात्कार, मानसिक उत्पीडन किया करते थे तो इनके भक्त इनकी ही राह पर ही तो चलेंगे ना? इसीलिए आज देखिये देश में औरतों पर अत्याचार कितना बढ़ रहा है, यह सब इन अवतारी भगवानों की ही देन, इन सभी अवतारी भगवानों ने मनुष्य जाति के प्रति अपराध किया है। (Crime Against Humanity)

असल में या जो भगवानों के नाम आप सभी ने सुने है कृष्ण, राम, ब्रह्मा या विष्णु ये कोई भगवान या देवता नहीं थे और न ही किसी भगवान के कोई अवतार थे।यह सब शूद्रों अर्थत मूलनिवासियों के खिलाफ लड़ने वाले आर्य लोग थे जिन्हीने छल कपट से मूलनिवासी राजाओं को हराया और ब्राहमणी सता देश में स्थापित की। बाद में ब्राह्मणों ने इन को देवता घोषित कर दिया। ब्राह्मण धर्म में ऐसा कोई देवता या भगवान नहीं है जो औरत जात की इज्ज़त करता था। यहाँ तक ब्राह्मण धर्म के ऋषि मुनियों, जिनको ज्ञान का भंडार कहा जाता था वो भी कभी किसी भी स्त्री का कोई सम्मान नहीं करते थे। स्त्रियों को सिर्फ भोग की वस्तु समझते थे। स्त्रियों के शोषण के लिए बहुत से तरीके ईजाद किये गए थे। जैसे अश्वमेघ यज्ञ, पुत्रेष्ठि यज्ञ, नियोग प्रथा, योनी अयोनी प्रथा आदि इन सभी प्रथाओं के द्वारा स्त्रियों का बहुत बुरी तरह शोषण किया जाता था। (ज्यादा जानकारी के लिए हमारा लेख “नियोग और ब्राह्मण” हमारी वेबसाइट www.ShudraSangh.wordpress.com par पढ़े)

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3 Responses to ब्राहमणी भगवान

  1. eshwar chand says:

    krishna ke samay me mira nahi thi,mira ka samay 15 vi shatabadi me tha,jabki krisna ke samay ka varnan nahi hai,,,,,,,
    jai bhim jai mulnivasi

  2. ajay kumar says:

    मीरा को धोखा देके इसने राधा से ब्याह रचाया। ese thik kare radha ko dhoka de kar rukmani se vivah kiya.

    • Bheem Sangh says:

      अजय जी मीरा रविदास जी महाराज की भक्त हुई है.. ना कि कृष्ण की… कृपया ज्यादा जानकारी के लिए रविदास जी के बारे पढ़े..

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