Chamar-The Great


कितनी घिनौनी मानसिकता हो गई है सभी की चमारो के प्रति.. देख कर बहुत दुःख हुआ..
हर कोई चमारों को ही गुमराह करता नज़र आता है… जब भी कोई बात सामने आती है चमारों को बलि का बकरा बना दिया जाता है.. जो कोई देखो… चमारो को धर्म, जाति या किसी भी सामाजिक आधार पर चमार को बांटता रहता है…
मैं दीक्षा बी. चमार तुम सभी जातियों से पूछती हूँ… हमारे बिना तुम लोगो की औकात ही क्या है…??? अगर हम कोई बात कहे तो हम लोगों को RSS का सदस्य बता देते है… ब्राहमण हमे मुस्लिम बता देते है… अरे तुम लोग हो कौन हमे ये सब कहने वाले…?????

jai mulnivasiआज मैं दीक्षा बी. चमार… मैं कहती हूँ.. तुम सब ने किया ही क्या है… सिर्फ चमारों के कन्धों पर रख कर बन्दूक ही चलाई है… तुम लोगों की औकात नहीं है चमारों के बराबर आने की…
एहसान मानो हमारी जात के डॉ अम्बेडकर साहब का.. जिन्होंने तुम लोगों को इस समाज में रहने लायक अधिकार दिए…. आज तुम लोग जो सर उठा कर चलते हो.. वो हमारे अम्बेडकर साहब का एहसान है तुम लोगों पर.. शर्म आती है मुझे तुम लोगों पर… ये सिला देते हो एहसानों का…??? आज भी चमार जहाँ कही भी है.. किसी भी धर्म में है.. अछूत कहलाता है… अरे हम इन ब्राह्मणों के कारण अछूत नहीं है… तुम लोगों की मानसिकता के कारण ज्यादा अछूत कहलाते है… आज अगर अम्बेडकर साहब देखते तो थूकते तुम लोगों पर… लिया सब चमार से और चमारों से ही नफरत करते हो?? क्यों???
कौन कहता है चमार महान नहीं होते?? गुरु रविदास जी महाराज को क्यों भूल गए??? अंतिम महान मानव थे इस दुनिया के.. जिन्होंने अपनी जिंदगी में हजारों चमत्कार किये.. आज भी उनके किये चमत्कारों के प्रमाण मौजूद है.. उन्होंने हर बार सिद्ध किया की मैं भगवान् हूँ.. अप्रत्यक्ष को प्रत्यक्ष कर के दिखाया… सच्चा सौदा अर्थात नानक की धर्म की दीक्षा दी(गुरुग्रंथ साहिब पन्ना न.955), 40 किलो का पत्थर पानी पर चला कर दिखाया, 500 मीटर तक उलटी गंगा बहा के दिखाई(गुरु ग्रन्थ साहिब पन्ना न.958), गंगा को काम करने वाली सिला के नीचे से निकल कर दिखाया, अपना सीना फाड़ कर जनेऊ निकल कर दिखाया, शंकराचार्य को शास्त्रार्थ में पराजित किया(प्रमाण के लिए गुरु ग्रन्थ साहिब पढ़े).. जिस आदमी ने तुम लोगो के लिए अपनी छाती फाड़ दी… उस महामानव को कोई मानता ही नहीं है.. कि गुरु रविदास जी महाराज भगवान् थे… कोई उनको भगवान् स्वीकार करने को तैयार ही नहीं है…. लेकिन क्यों???
कौन कहता है.. सिख महान धर्म है ?? आज सिख भी गुरुदेव रविदास जी महाराज के किये उपकारों को भूल गए… सिख धर्म हम से है… हमारे कारण ही सिख धर्म का उदय हुआ… जिस किसी को भी शक है.. गुरु ग्रन्थ साहिब का पन्ना न. 965 खोल कर देखे.. और पढ़े… वहा साफ़ साफ़ लिखा है.. की नानक ने गुरु दीक्षा हमारे गुरुदेव रविदास जी महाराज से ली है…. आज भी सारे सिख हमारे ऋणी…. लेकिन कोई नहीं मानता… सब के गुरु, पीर, देवता आदि महान… सबसे बेकार सिर्फ चमार.. आज भी हमारे गुरुदेव जी को सब सिर्फ संत.. सिर्फ गुरु.. कहते है.. क्यों????
बात साफ़ है… कोई भी चमारों का हित नहीं चाहता…. हर कोई चमारों का दमन करने में लगा हुआ है… कोई धर्म परिवर्तन करवाना चाहता है.. ईसाईयों से लेकर बौद्धों तक सब के सब चमार को अपने धर्म में मिलाना चाहते है… कोई अम्बेडकर के नाम पर बाँट रहा है… कोई गुरुदेव रविदास जी के नाम पर बाँट रहा है…. लेकिन क्या धर्म परिवर्तन कर के, या आपस मैं बंट कर कोई चमार ऊँची जात बन गया क्या?? लेकिन मैं दीक्षा बी. चमार पूछती हूँ.. हमने बिगाड़ा क्या है तुम्हारा….?? हमारा कसूर क्या है…?? आज तुम लोग जिस क्रांति की मशाल को लेकर चल रहे हो.. वो मशाल हमारे लोगों ने जलाई.. आज जिस आज़ादी की तुम लोग बात करते हो वो आज़ादी का सपना हमारे लोगों तुम्हे दिया है… तुम लोग जो इज्ज़त की रोटी खाते हो वो भी चमारों के कारण तुम्हे मिली है…..
आज मैं दीक्षा बी. चमार एलान करती हूँ… हमारे गुरु रविदास जी महाराज हमारे भगवान् थे.. हमारे भगवान् है.. और हमेशा हमारे भगवान् रहेंगे….. सभी चमारों से अपील है.. कोई भी चमार अपना धर्म परिवर्तन नहीं करेगा.. हर हाल में सिर्फ चमार बन के रहेगा… किसी ने धर्म परिवर्तन किया है तो वापिस चमार बन जाओ.. किसी भी धर्म को मत मानो… किसी भी धर्म का सम्मान मत करो… किसी भी जात का सम्मान मत करो… किसी भी धर्म को दान मत दो.. क्योकि ये सब के सब हमारे और अपने पतन के लिए खुद जिमेवार है… अपने गुरु रविदास जी महाराज को भगवान् मानो… सिर्फ उनका अनुसरण करो… अम्बेडकर ने रविदास जी महाराज के पद चिन्हों पर चले तो महान आदमी कहलाये… ऐसा व्यक्तित्व जिसे भारत तो क्या.. ये पूरी दुनिया कभी नहीं भुला सकती…. अगर हम भी उन्ही रविदास जी महाराज के पद चिन्हों पर चलेंगे तो सोचो कहा पहुंचेंगे….?? गुरुदेव रविदास जी महाराज और धर्मो के भगवानों की तरह हजारों साल पहले नहीं हुए.. आज से सिर्फ 636 साल पहले इस धरती पर थे… हम क्यों इन सभी धर्म की बातों को माने? जिनके भगवान् हजारों साल पहले हुए… किस ने देखा? हुए भी या नहीं हुए? आजकल हर जगह ब्राह्मणवाद फैला हुआ है, क्या पता इन लोगों ने भी ब्राह्मणों की तरह कहानियां लिख कर अपना भगवान् पैदा किया हो? तो दोस्तों, सिर्फ अपने गुरुदेव जी महाराज को मानो… गुरुदेव में श्रदा रखो… उनके बताये कार्य करो… गुरुदेव के बताये रास्ते पर चलो.. जब बाबा साहब गुरुदेव के पद चिन्हों पर चल कर महान बन सकते है तो हम क्यों नहीं?
अगर तुम्हे कोई भी धर्म का आदमी आकर तंग करता है… तो बाबा बलि को याद करो, जिनको सभी चमार सिद्ध चान्नों, बाबा बलि जैसे नामों जानते है.. वही हमारे तारण हार बनेंगे.. अपने भगवान् बाबा सिद्ध चान्नों में आस्था रखो.. आज भी ये सब तथाकथित ऊँचे धर्मो वाले बाबा सिद्ध चान्नों के नाम से ही डरते है… क्योकि बाबा सिद्ध चान्नों सिर्फ हमारी पुकार पर ही इन्साफ कर देते है… एक बार याद कर के देखो.. इन ऊँची जात और धर्म वालों के बाबा सिद्ध चान्नों के नाम से ही दिल घट जाते है…

अंतिम चेतावनी है और धर्म के लोगों को… अगर मेरे लोगों को गुमराह किया… या मेरे लोगों को बांटा… तो मैं तुम सभी के धर्म की माँ का शाकिनाका कर दूंगी….

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9 Responses to Chamar-The Great

  1. MEHULKUMAR says:

    दीक्षा बी. चमार KYA AAP MUJE BATAYE GI KI AAP KON SE DHARM KI BAAT KAR RAHI HE?
    AAP KON SA DHARM FOLLOW KARTI HE? AUR CHAMARO YANI HUM SABKO KIS DHARM ME REH NE KO KAH RAHI HE?
    AAP NE ABHI Dr.B.R.AMBEDKAR KA JIKR KIYA KI WO HAMARE HE AUR AAP NE BOLA KI UNKI RAAH PAR CHALO TO UNHO NE TO EK HI RAAH BATA E HE AUR WO HE BUDHH KA DHAMM AUR APNE JIVAN KE AKHRI SALO MAIN UNKA EK HI SAPNA RAHA HE KI WO BHART KO BOUDH MAY BANTA HUVA DEKHANA CHAHTE THE…………….

    • Shudra Sangh says:

      Mehul kumar ji, hum kisi bhi dharm ya jaati ke na to sath hai aur na hi kisi dharm ya jaati ke khilaf hai… humara lakshy mulnivasi shudro ko ek banner ke niche ikatha karna hai… yah humari ek purani post hai… aap humari nai posts check kare… hum ab sirf brahmanvaad ke khilaf likhte hai na aur mulnivasi chahe kisi bhi dharm ko mane hume koi problem nahi hai… bas mulnivasi shudro ka raaj kayam karne ke liye humare sath aaye… thanks for your comment….

  2. dilipahire says:

    Very good and great inspirational thinks article. Jay Rohidas. —‘———- Dilip R . Ahire Nashik Road

  3. संजय सागर says:

    काफी सराहनीय कार्य है इसे और विस्तरित करिये

  4. J. K. DAS says:

    EXCELLENT

  5. Mujhe aapki baatse bahut acchi lagi aur Mai kitne saalo aisa hi itihaas sabko batana chahta tha isliye thanks

  6. Dhananjay singh says:

    बिलकुल ठीक बात है

  7. babloo chmar says:

    Jai bheem jai bhart me bhe bheem sainek bnnaa chaahtaa hnu.

  8. Neeraj Chamar says:

    Chamar bhi insan hai. Khoon bhi lal hai. Phir bhi bhedbhaw kyo? Kyo? Kyo?

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