Truth of Black Money


स्विस बैंक से काला धन भारत में आ ही नहीं रहा है.. क्या कभी आप लोगों ने सोचा ऐसा क्यों? ऐसी क्या अड़चन हो गई की ये काला धन भारत आ ही नहीं रहा है। असलियत यह है की ये पैसा ब्राह्मणों, राजपूतों और वैश्यों का है। अब ब्राह्मणों की सरकार अपने हो लोगों का पैसा भारत कैसे मंगवा ले? इसे तो ब्राह्मण के पास फूटी कोडी भी नहीं रहेगी, ऊपर से सजा होगी वो अलग से। देश के सबसे बड़े चोर ये ब्राह्मण, राजपूत और वैश्य ही है। मंदिरों के नाम पर करोड़ों-अरबों रुपये हज़म कर रखे है, क्या मंदिरों में रखे गए करोड़ों-अरबों रुपये काला धन नहीं है? 11 ट्रिलियन डॉलर मंदिरों में बंद पड़ा और बताते है भारत एक गरीब देश है?
Money in Swis Bank- $1.4 Trillion USD
Money in Temples- $11 Trillion USD
truth of black moneyअब पूछो इन ब्राहमणों राजपूतो और वैश्यों से, देश की इस हालत के लिए कौन जिमेवार?? आज राम कृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव से लेकर नरेंद्र मोदी तक सारे बीजेपी और दूसरी राजनितिक पार्टियों के लोग अपनी जन सभाओं में मूलनिवासियों को बेबकुफ़ बनाने की कोशिश में लगे हुए है। हर कोई कहता नज़र आता है कि काला धन भारत ले कर आओ। कोई यह क्यों नहीं कहता कि मंदिरों का पैसा जनहित में प्रयोग किया जाये? बाबा साहब जी ने भारत का सविधान धर्म निरपेक्ष बनाया है, जिसका अर्थ है सभी धर्मों का सम्मान करना और किसी भी धर्म में नहीं मानना। लेकिन आज के नेताओं से लेकर न्यायपालिका तक ने बाबा साहब जी कि विचारधारा को, उनके आदेश को और सविधान के आदेश को बदल कर रख दिया है। लोग कहेंगे कि हमारी संस्था सर्वोच्च न्यायलय के फैसले को चुनौती दे रही है। यह भारत का दुर्भाग्य है कि एक तरफ सर्वोच्च न्यायलय कहता है “हिन्दू नाम का कोई धर्म नहीं है और दूसरी तरफ मंदिरों की धन दौलत का मालिक भगवान को घोषित करता है” आखिर क्यों? हमारा सविधान विज्ञान पर आधारित है जो सिर्फ तर्क और सत्य के ऊपर विश्वास करता है, तो सर्वोच्च न्यायलय को देश में इतने बड़े अन्धविश्वास को बढावा देने का हक किसने दिया? आज तक कोई भी वैज्ञानिक, साधू-महात्मा या धर्म गुरु भगवान का अस्तित्व साबित नहीं कर पाया तो सर्वोच्च न्यायलय को भगवान जैसे अन्धविश्वास को बढ़ावा देने का हक किसने दिया?
हमारा सभी मूलनिवासियों से आग्रह है कि सच को जाने, तर्क और तथ्य की कसौटी पर हर चीज को परखे और फिर विश्वास करे। इन धर्मवादी और पाखंडवादी लोगों की बातों में ना आये और सोच समझ का योग्य नेताओं को वोट दे। हमे तो बहुत दुःख होता है जब रामदेव खुद एक दलित होते हुए राज सुबह सुबह अपने मंच से “हम हिन्दू है” “हम हिन्दू है” चिलाता हुआ नज़र आता है। देश के दलित और बहुजन समाज की गुमराह करता है। नरेंद्र मोदी भी एक दलित होते हुए ब्राह्मणवाद को बढावा देता है और मूलनिवासी समुदाय को बीजेपी जैसी ब्राह्मणवादी संस्थाओं का गुलाम बनाने के लिए प्रेरित करता है। नरेंद्र मोदी जी और राम कृष्ण जी 1.4 ट्रिलियन डॉलर से क्या होगा? देश में छुपा हुआ 11 ट्रिलियन डॉलर काला धन बहार निकलवाइए। उस 11 ट्रिलियन डॉलर को देश के लोगों के हित में खर्च करवाइए, तो हम आपको समझेंगे कि आपने कोई महान कार्य किया। आंबेडकर जी ने जो विचारधारा पैदा की थी उस विचारधारा को फिर से जीवन दान दीजिए तो हम मानेंगे कि आपने कोई महान कार्य किया।

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6 Responses to Truth of Black Money

  1. Brajpal Singh says:

    This is true that is why government making a delay in this case so black money can get other ways investing time..

  2. Prakashchandra Arya says:

    Nirpeksh satya ni vichardharathi sangharsh
    Karvo tej sahu thi motu manavatavadi
    Karya chhe.
    Jaybhim&namobudhhay

  3. anil says:

    True sir

  4. CHANDNI RAJASIDNI says:

    source bhi bata dete to achha hota na ? kahan se mila data? Varna ye bolenge government nahi nikalwa payi tum bana k daal diye

  5. पंकज मेहता(कुशवाहा) says:

    अच्छी जानकारी

  6. hemlata mongre says:

    Aap jankari post krte rhiye hm pdenge or dusro ko bhi btayenhe

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