Brahmanvaad Ka Sach


भारत की सवर्ण जातियो की शिकायत है कि आरक्षण की वजह से देश का विकास रुक गया है |
आरक्षण से पहले इन लोगो ने बहुत आविष्कार और खोजेकी थी जो कि इस संसार में अन्यकहीं मिलना नामुमकिन है |आइए जानते है इनकी ऐसी ही कुछ खोजो औरअविष्कारों के बारे में जिनसे इन्होने विश्व में देशका नाम रोशन किया हुआ है-
१. इनकी सबसे महत्त्वपूर्ण खोज वर्ण व्यवस्था और जातियों की खोज थी | इन्होने मनुष्यों को ६७४३ सेअधिक जातियों में बाँट दिया | इतनी अधिक जातियों की खोज करना क्या कोई आसन काम है ? सोचिये बेचारो को इतनी अधिक जातियों को खोजने में कितना अधिक परिश्रम करना पड़ा होगा |
ambedkar3इनकी दूसरी महत्तवपूर्ण खोज ३३ करोड़ देवी-देवताओ की खोज है | ये खोज इन्होने उस समय की, जब देश की कुल आबादी भी ३३ करोड़ नहीं थी | सोचिये बेचारो को इतने सारे देवी देवताओ की खोज मेंबेचार्रो को कितना पसीना बहाना पड़ा होगा |अजी रात दिन एक कर दिए होंगे बेचारो ने |
३. आज चाहे वैज्ञानिक अभी तक दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश नहीं कर पाए लेकिन ये लोग बहुत पहलेही ऐसे दो लोको की तलाश कर चुके हैं जहाँ पर जीवन मौजूद है और वो ग्रह हैं स्वर्ग लोक जहाँ पर अलौकिक शक्तियों के स्वामी देवता निवास करते हैं |
३. विश्व के देशो ने चाहे कभी भी परमाणु बम, हाइड्रोजन बम जैसे विनाशकारी बमों का निर्माण किया हो लेकिन ये उससे बहुत पहले ही ऐसे ऐसे अस्त्र शस्त्रका निर्माण कर चुके थे जो पूरी सृष्टि का विनाश करने में सक्षम थे | इन्होने उसको नाम दिया ब्रह्मास्त्र | इन्होने आज तक किसी आक्रमणकारी शत्रुओ के खिलाफ उसका प्रयोग क्यों नहीं किया ये अलग शोध का विषय है | बाहर से कुछ सौ हजारो की संख्या में आक्रमणकारी आते रहे और इनको ३३ करोड़ शस्त्रधारी देवताओ के साथ धूलचटाते रहे ये अलग बात है |
४. वैज्ञानिक बेशक आज तक मनुष्य की उम्र बढ़ाने और उसको अजर, अमर बनाने की औषधि नहीं खोज पाए हो लेकिन ये अब से कई युगों पहले मनुष्य को अमरता का रसास्वादन करवा चुके है ये अलग बात है इनके द्वारा अमर किये गए अश्वत्थामा जैसे मानव कहीं देखने को नहीं मिलते हैं |
५. बेशक विश्व में कभी भी आकाशवाणी का प्रसारण भारत से बहुत बाद में हुआ ये उससे बहुत पहले ऐसी व्यवस्था का निर्माण कर चुके थे जिससे किसी युद्ध का आँखों देखा हाल बिना किसी भी कैमरा जैसे यंत्र की मदद के दिव्यदृष्टि के द्वारा किया जा सकता था लेकिन उसके बाद में उसका प्रयोग इन्होने क्यों नहीं किया ये अलग एक विचारणीय प्रश्न है |
६. विश्व का कोई भी देश आज तक सूर्य पर नहीं पहुँच सका है लेकिन ये अबसे पहले सूर्य पर होकर आ चुके हैं |
७. सूर्य को फल की तरह खाया भी जा सकता है ये भी अकेली इनकी ही खोज थी |
८. बेशक राईट बंधुओ को हवाई जहाज के अविष्कार के निर्माण के श्रेय दिया जाता हो लेकिन ये उससे बहुत पहले ही पुष्पक विमान का निर्माण कर चुके थे | उसके बाद इनकी वायुयान निर्माण कला को क्या हुआ ये आज तक रहस्य है |
९. संजीवनी बूटी जैसी चमत्कारिक औषधि भी इन्ही की खोज थी जिससे किसी भी मृत मनुष्य को जीवित किया जा सकता था लेकिन आज वो औषधि कहाँ हैं ये इनको भी आज तक नहीं पता है |
१०.आज बेशक देश में सूखा पड़ता हो और और लोग पानी को तरसते हो लेकिन ये अबसे युगों पहले आकाश मेंतीर मारकर बारिश करवा सकते थे आज ये उसका प्रयोग क्यों नहीं करते ये भी एक रहस्य है
११. एक गर्दन पर दस दस तक सिर और एक कंधे पर हजारो हाथ उग सकते हैं ये भी इनकी ही बुद्धिमता की खोज है |
१२. समुन्द्र यात्रा से मनुष्य गल जाता है ये भी इनकी ही महत्तवपूर्ण खोज है |
१३. पशु पक्षियों में भी मानवीय संवेदना होती है और वो भी मानव की भाषा बोल और समझ सकते हैं ये भी इनकी ही खोज है |
१४. मानव क्लोन बनाने की कला में तो ये सिद्धहस्त थे| अगर किसी मनुष्य के रक्त की बूंदे धरती पर पड़ जाती थी तो जितनी बूंदे धरती पर पड़ती थी उसके उतने ही क्लोन पैदा हो जाते थे |
१५. मानव रक्त भी कोल्ड ड्रिंक और चाय की तरह पिया जा सकता है ये भी इनकी ही महत्त्वपूर्ण खोज थी |
१६. बच्चे बिना औरत मर्द के पैदा भी किये जा सकते है ये भी इनकी ही खोज थी | ये मानव शिशु छींक कर,शरीर के मैल द्वारा, पशु पक्षियो के गर्भद्वारा भी पैदा करवा सकते थे |
१७. वानर रीछ जैसे जीव भी बिना पंखो के उड़ सकते हैं ये भी इनकी ही खोज थी |
१८. एक मनुष्य दूसरे मनुष्य के स्पर्श से, उसकी छाया से भी भ्रष्ट हो सकता है ये भी इनकी ही खोज थी |
१९. पशु मानव से ज्यादा शुद्ध और पवित्र होता है येभी इनकी ही खोज थी |
२०. मानव के स्पर्श से भ्रष्ट से हुआ मनुष्य पशुओ का मूत्र पीकर, या मूत्र छिड़ककर पवित्र हो सकता है ये भी इन्ही की खोज थी |
२१. स्त्री और शूद्र दोयम दर्जे के नागरिक है इनकी अपनी कोई इच्छा नहीं होती | इनके कोई अधिकार नहीं होते | इनको अपनी इच्छा के अनुसारप्र योग किया जा सकता है ये भी इन्ही की खोज थी |
२२. पूजा-अर्चना और हवन के द्वारा भी बारिश करवाई और रोकी जा सकती है ये भी इन्ही की खोज थी |
२३. अगर किसी स्त्री को एक ही पुरुष में उपयुक्त पति नहीं मिलता है तो वो पांच या उससे अधिक भी आदमियों को अपने पतियों के रूप में स्वीकार कर सकती है ये भी इन्ही की खोज थी |
२४. माता एक औरत को पांच भाइयो के बीच में किसी वस्तु की तरह बाँट सकती है ये भी इन्ही की खोज थी |
२५. अगर किसी औरत का गर्भपात हो जाता है तो उसका भ्रूण नष्ट होने से बचाया जा सकता है और उस भ्रूण को सौ टुकडो में बांटकर सौ या उससे अधिक संताने पैदा की जा सकती हैं ये भी इनकी ही खोज थी |
२६. मानव और जानवर के सिर आपस में बदले जा सकते हैं ये भी इनकी ही खोज थी |
२७. मानव और हाथी का रक्त ग्रुप एक होता है ये भी इनकी ही खोज थी |
२८. चूहे पर बैठकर भी मनुष्य सवारी कर सकता है ये भी इनकी ही खोज थी |
२९. वैज्ञानिक बेशक आज तक किसी मनुष्य का भविष्य बताने में सक्षम न हो लेकिन ये किसी का भी भूत,भविष्य और वर्तमान बताने में सक्षम है |
३०. पृथ्वी, सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुद्ध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, सोम जैसे गृह भी जीवित प्राणी ही नहीं देवता भी हैं जो किसी का शुभ और अशुभ कर सकते हैं | ये भी इन्ही की खोज थी | कितनी महान खोजे है इनकी जिनसे विश्व में भारतका नाम रोशन हुआ है लेकिन आरक्षण वालो ने आकर इनकी योग्यता को रोक का रख दिया है | बेचारे अब ऐसे अविष्कार और खोजे नहीं कर सकते है |

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